चीन और रूस ने चांद पर न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जो ग्लोबल लेवल पर स्पेस रेस को एक नई दिशा दे सकती है. यह प्लांट 2036 तक पूरा होने की उम्मीद है और इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन (ILRS) को ताकत देगा. यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के बढ़ते अंतरिक्ष सहयोग और टेक्नोलॉजी डोमिनेंस की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जो फ्यूचर की स्पेस खोजों ...